बिहार में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, प्रशासन हाई अलर्ट पर
बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन हाई अलर्ट पर है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। लगातार बारिश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन जलभराव और बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

पटना | 28 जून 2026
बिहार में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात की संभावना जताई है। इसके चलते प्रशासन ने सभी जिला अधिकारियों, आपदा प्रबंधन टीमों और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और आसपास के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली गिरने की घटनाओं से सावधान रहें।
लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन विभाग को पूरी तरह अलर्ट पर रखा है। जिला प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, नावों की व्यवस्था करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग को भी संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। धान की रोपाई के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है और कई जिलों में किसान खेती के कार्यों में जुट गए हैं। हालांकि अत्यधिक वर्षा होने पर फसलों को नुकसान और नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका भी बनी हुई है। विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि कार्य करने की सलाह दी है।
गंगा, कोसी, गंडक, बागमती और महानंदा सहित कई नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि लगातार बारिश जारी रहती है तो कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। मोबाइल फोन का उपयोग खुले स्थानों पर कम करें और मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
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